अनंत चतुर्दशी
अनंत चतुर्दशी एक महत्वपूर्ण हिन्दू व्रत एवं पर्व है। यह भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के "अनंत" स्वरूप की पूजा की जाती है और यह व्रत मुख्य रूप से सुख-समृद्धि, पारिवारिक एकता और संकट-निवारण के लिए किया जाता है। "अनंत" का अर्थ है – जिसका कोई अंत न हो। भगवान विष्णु का यह रूप अनंत ब्रह्माण्ड का धारक माना गया है।
इस दिन पुरुष एवं स्त्रियाँ अनंत सूत्र (लाल व पीले धागे से बना पवित्र धागा) अपनी भुजा पर बांधते हैं। इसे बांधते समय भगवान विष्णु से परिवार की रक्षा, सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है। मान्यता है कि महाभारत काल में युधिष्ठिर ने श्रीकृष्ण की आज्ञा से यह व्रत किया था, जिससे उन्हें पुनः शक्ति और विजय प्राप्त हुई।
इसी दिन गणेश विसर्जन भी होता है, जो गणेश चतुर्थी से शुरू हुई पूजा का अंतिम दिन माना जाता है।