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बालपोथी (रंगीन) भाग-1
बालपोथी (रंगीन) भाग-1
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भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता की उत्कृष्टता योग्य, सुसंस्कृत एवं चरित्रवान बालकों का निर्माण। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए यहाँ निरन्तर बाल-सुलभ साहित्य का सृजन एवं प्रकाशन किया जा रहा है। इस पुस्तक में सम्पूर्ण वर्णमाला रंग-बिरंगे बहुरंगी चित्रों के साथ दी गई है तथा प्रत्येक अक्षर के साथ दो वस्तुओं के रंग-बिरंगे चित्र दिए गए हैं। चित्रों में केवल उन्हीं बातों का ज्ञान दिया गया है, जिससे बालकों के मन में अच्छे संस्कार उत्पन्न हों तथा उनका मस्तिष्क सही दिशा में विकसित हो। पुस्तक के प्रारम्भ में ईश्वर से सुन्दर प्रार्थना तथा अन्त में स्वर, स्वरों की पहचान, हिन्दी वर्णमाला, व्यंजनों की पहचान, अंग्रेजी वर्णमाला तथा एक से सौ तक गिनती बताई गई है।
- उद्देश्य:
- भारतीय संस्कृति और सभ्यता की उत्कृष्टता को बढ़ावा देना
- योग्य, सुसंस्कृत और गुणवान बच्चे पैदा करें
- पुस्तक सामग्री:
- संपूर्ण वर्णमाला रंगीन बहुरंगी चित्रों के साथ प्रस्तुत की गई
- प्रत्येक अक्षर को दो वस्तुओं के रंगीन चित्रों के साथ जोड़ा गया है
- चित्र इस प्रकार डिज़ाइन किए गए हैं:
- बच्चों में अच्छे मूल्यों का विकास करें
- अपने मस्तिष्क को सही दिशा में विकसित करें
- पुस्तक का आरंभ:
- भगवान से सुन्दर प्रार्थना
- पुस्तक का अंत:
- स्वर और उनकी पहचान
- हिन्दी वर्णमाला
- व्यंजनों की पहचान
- अंग्रेजी वर्णमाला
- एक से सौ तक गिनती

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