{"product_id":"bhagvat-prapti-me-bhav-ki-pradhanata","title":"भगवत्प्राप्ति में भाव की प्रधानता","description":"\u003cp\u003eभगवत्प्राप्ति में भाव की प्रधानता एक गहरा आध्यात्मिक ग्रंथ है जो भक्ति और समर्पण के माध्यम से परम सत्य को प्राप्त करने के मार्ग को चित्रित करता है। यह पुस्तक भाव (आध्यात्मिक भावना) की शक्ति को स्पष्ट करती है और यह दर्शाती है कि सच्ची भावना से की गई भक्ति ही अंतिम लक्ष्य तक पहुँचने का एकमात्र साधन है। इस पाठ के भीतर, आध्यात्मिक ज्ञान, भक्ति के विभिन्न रूपों और प्रेम के माध्यम से ईश्वर को प्राप्त करने के तरीकों को व्यापक विस्तार से समझाया गया है।\u003c\/p\u003e","brand":"Dharmkshetra | धर्मक्षेत्र","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":46717044949181,"sku":"1015","price":20.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0661\/2421\/8557\/files\/1015.png?v=1777361371","url":"https:\/\/dharmkshetra.com\/hi\/products\/bhagvat-prapti-me-bhav-ki-pradhanata","provider":"Dharmkshetra | धर्मक्षेत्र","version":"1.0","type":"link"}